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विद्यापति अध्येता

260 अंक (Points)
@vidyapati_scholar • सदस्यता: October 2026

मैथिली साहित्य, लोकगाथा ओ तिरहुता लिपिक अनुसंधाता।

📍 Madhubani, India
🔤 रुचि लिपि: देवनागरी, तिरहुता (मिथिलाक्षर)
कुल योगदान
6
प्रकाशित रचना
1
सक्रियता श्रृंखला (Streak)
🔥 5 दिन
समीक्षा योगदान
0

🏅 अर्जित सम्मान एवं बैज (Earned Badges)

🌱
प्रथम योगदान
मंच पर अपन पहिल योगदान प्रस्तुत कएल।
✍️
पहिल प्रकाशित रचना
समीक्षा उपरांत पहिल रचना मंच पर प्रकाशित भेल।
📜
मिथिलाक्षर साधक
तिरहुता लिपिमहि रचना आ लिप्यंतरण योगदान।

📚 प्रकाशित योगदान (Published Contributions)

ARTICLE 25 Oct 2026

मिथिलाक लोक चित्रकला: एक परिचय

मिथिला चित्रकला (मधुबनी पेंटिंग) मिथिला क्षेत्रक एक अत्यंत समृद्ध आ प्राचीन लोककला परंपरा अछि। ई मूलतः कोहबर, गोसनीक घरक भित्ति (दीवाल) आ आँगनमे बनाओल जाइत छल। एहि चित्रकलामे प्राकृतिक रंग—जेना काजर (कारिख), हल्दी, कुसुम, बेलपत्र आ पीसल अरबा चावल (पिठार)—क उपयोग कएल जाइत अछि। चित्रकलाक मुख्य विषयवस्तु प्रकृति, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, सूर्य-चंद्रमा, बांस, कमल आ माछ छथि, जे वंशवृद्धि, समृद्धि आ मांगलिकताक प्रतीक मानल जाइत छथि। आधुनिक कालमे जीतवारपुर, रंती ओ लहरियासराय आदि गामक महिला कलाकार सभ एहि पारम्परिक कलाकेँ कागज, वस्त्र आ कैनवास पर उतारि वैश्विक ख्याति प्रदान कएलनि। पद्मश्री सीता देवी, गंगा देवी, महासुंदरी देवी आ दुलारी देवी एहि विधाक शीर्ष स्तम्भ छथि।