मिथिलाक्षर (तिरहुता) लिपि पोर्टल
मैथिली भाषाक सहस्राब्दी प्राचीन मौलिक लिपि। ब्राह्मी सँ १०म शताब्दीमे उद्भूत ई लिपि महाकवि विद्यापति केर पाण्डुलिपि, राजकीय ताम्रपत्र आ मिथिलाक धार्मिक अनुष्ठानक प्राण अछि।
देवनागरी ⟷ मिथिलाक्षर (तिरहुता) परिवर्तक
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मिथिलाक्षर सम्पूर्ण वर्णमाला
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स्वर वर्ण (Independent Vowels)
व्यंजन वर्ण (Consonants)
मात्रा (Dependent Vowel Signs)
संख्या / अंक (Tirhuta Numerals)
विशेष चिह्न (Diacritics & Signs)
मिथिलाक्षरमे प्रसिद्ध मैथिली शब्द
नीचाँ देल शब्द सभ पर क्लिक कऽ ओकरा परिवर्तकमे लोड करू आ अभ्यास करू।
मिथिलाक्षर लिपिक उद्भव आ विकास
प्राचीन काल सँ लऽ कऽ आधुनिक डिजिटल युग धरि मिथिलाक्षरक गौरवमयी यात्रा।
१०म शताब्दी ईस्वी : पूर्वी ब्राह्मी सँ तिरहुताक उदय
ब्राह्मी लिपिक कुटिल/सिद्धमातृका शाखा सँ मिथिलामे तिरहुता लिपिक प्रादुर्भाव भेल। कर्णाट वंशीय राजा सभक शासनकालमे एकर स्वतंत्र स्वरूप विकसित भेल आ मिथिलाक राज-काज तथा धार्मिक अनुष्ठानक प्रमुख लिपि बनि गेल।
१४म शताब्दी ईस्वी : महाकवि विद्यापति आ पाण्डुलिपि काल
महाकवि विद्यापति ठाकुर अपन अधिकांश कालजयी रचनावली (पदावली, गोरक्षविजय, कीर्तिलता आदि) मिथिलाक्षर लिपियेमे तालपत्र आ भोजपत्र पर रचलन्हि। मिथिलाक पञ्जी-प्रबंध (Genealogy records) सेहो एही लिपिमे हस्तलिखित अछि।
२०म शताब्दी : मुद्रण आ देवनागरीक प्रभाव
छापाखाना (Printing press) क आगमन आ मानक लेड टाइपफेसक अभावक कारणे मैथिली साहित्य देवनागरी लिपिमे मुद्रित होमय लागल। मुदा धार्मिक, वैवाहिक (कोहबर, सिद्धा, मन्त्र) तथा पारंपरिक क्षेत्रमे मिथिलाक्षरक उपयोग निरंतर बनल रहल।
२०१४ ईस्वी : यूनिकोड मानक (Unicode 7.0) स्वीकृति
भाषाविद सभक संयुक्त प्रयास सँ Unicode Consortium द्वारा Tirhuta Script केँ Unicode 7.0 मे ब्लॉक कोड U+11480–U+114DF प्रदान कएल गेल, जाहि सँ कंप्यूटर, स्मार्टफोन आ वेब पर मिथिलाक्षरक डिजिटल प्रयोग सुलभ भऽ सकल।
मिथिलाक्षर फॉन्ट आ टाइपिंग गाइड
अपन कंप्यूटर वा स्मार्टफोन पर मिथिलाक्षर लिपिकेँ स्पष्ट आ सुंदर देखबाक लेल Google केर आधिकारिक Noto Sans Tirhuta फॉन्ट डाउनलोड कऽ इन्स्टॉल करू।