कथा संग्रह (Stories) कथा 📖 12 अध्याय / कथा ⏱ कुल पठन समय: ~106 मिनट

बीछल कथा

रचयिता: हरिमोहन झा (1955)

पं. हरिमोहन झा केर कालजयी प्रतिनिधि कथा सभक प्रामाणिक संग्रह। 'कन्याक जीवन', 'रेलक अनुभव' आ 'शास्त्रार्थ' जेहन अमर मैथिली कथा सभ समाहित।

📑 अध्याय / कथा अनुक्रमणिका (Table of Contents)

कुल 12 खंड
अध्याय 1

बीछल कथा : 1. कन्याक जीवन

-"हे औ पाहुन! देखू, फेर हमरा दस पड़ल। आब अहाँक गोटी कटा गेल।" -"ए तित्तिर दाइ! कन्ना नहि करू। अहाँकें दू खुदरा पड़ल...

⏱ 11 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 2

बीछल कथा : 2. रेलक अनुभव

वैद्यनाथधामसॅं गाम अबैत रही। ओहि डिब्बामे एक बंगाली सज्जनक परिवार छलैन्ह। बंगाली बाबू, हुनक स्त्री, एक युवती कन्या...

⏱ 11 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 3

बीछल कथा : 3. आदर्श भोजन

हमर एक मित्र छथि शर्माजी । अमीर लोक कैं किछु ने किछु व्यसन रहिते छन्हि । हिनका नेचुरोपैथीक सनक छैन्ह । एक बेर हुनकर...

⏱ 12 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 4

बीछल कथा : 4. सासुरक चिह्न

ओहि दिन सन्ध्याकाल पोखरिक घाटपर लालधोतीक जमघट लागल रहय। गामक नवयुवकवृन्द, जनिक विवाह एहि शुद्धमे भेल छैन्ह, सासुरसॅं...

⏱ 16 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 5

बीछल कथा : 5. बाबाक संस्कार

भगीरथ बाबा जखन बूढ भऽ गेलाह त सातो बेटा उकछि गेलथिन्ह। एही बेटाक खातरि भगीरथ बाबा कामरु ढोयने रहथि, सालो-साल...

⏱ 4 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 6

बीछल कथा : 6. कालीबाड़ीक चोर

आइसॅं प्रायः बीस वर्ष पहिलुक बात कहैत छी। हम आइ. ए. मे पढैत रही और मुजफ्फरपुर मे ससुरक डेरामे रहैत रही। आब ससुर त...

⏱ 9 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 7

बीछल कथा : 7. कालाजारक उपचार

अखबारमे बड़का-बड़का मोट हेडलाइनमे बहरायल -'कालाजार फेर आबि गेल।' चारू कात खलबली मचि गेल। कालाजारक उन्मूलन करबाक हेतु...

⏱ 5 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 8

बीछल कथा : 8. टोटमा

बहुत दिनपर परदेशसॅं चल अबैत रही। घरक हाल-चाल बुझना सात वर्ष भऽ गेल रहय। बुझितहुँ कोना? चिट्ठी-पत्री होइत तखन ने?...

⏱ 6 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 9

बीछल कथा : 9. विनिमय

गाड़ी तीव्र गतिसॅं जा रहल छल। 'एयरकंडीशन' क तीन गद्दापर तीन जोड़ दंपति विराजमान छलाह-बंगाल, पंजाब आ केरलक, जेना...

⏱ 8 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 10

बीछल कथा : 10. दरोगाजीक मोंछ

मुंशी नौरंगीलालकें शुरूएसॅं जासूसी उपन्यास पढबाक शौक रहैन्ह। चन्द्रकान्ता, भूतनाथ, मायामहल, पढैत-पढैत हुनको जासूस...

⏱ 8 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 11

बीछल कथा : 11. द्वादश निदान

ओहि दिन जनताक कल्याणपर विचार करबाक हेतु एक उच्चस्तरीय समिति बैसल छ्ल। दूर-दूरसॅं सदस्यगण आयल छलाह। एक सज्जन बजलाह-सभ...

⏱ 4 मिनट पढ़ू ➔
अध्याय 12

बीछल कथा : 12. शास्त्रार्थ

एक बेर रेलमे जे मनोरंजन दृश्य देखलहुँ से अद्यावधि नहि बिसरल अछि। हम काशीसॅं पटना अबैत रही। सामने एक भारी भरकम पंडित...

⏱ 12 मिनट पढ़ू ➔