उपन्यास (Novel) उपन्यास 📖 12 अध्याय / कथा ⏱ कुल पठन समय: ~222 मिनट

द्विरागमन

रचयिता: हरिमोहन झा (1943)

'कन्यादान' उपन्यासक बहुप्रतीक्षित उत्तर-भाग (सीक्वल)। सी० सी० मिश्र आ बुच्ची दाइक द्विरागमन उपरान्तक दाम्पत्य, सामाजिक सुधार आ हास्य-परिहासक कथा।

📑 अध्याय / कथा अनुक्रमणिका (Table of Contents)

कुल 12 खंड
अध्याय 1

द्विरागमन : अध्याय 1 - मिस बिजलीक भाषण

विश्वविद्यालयक सभा-भवन आइ बिजलीक प्रकाश सॅं जगमगा रहल अछि। कारण जे भिन्न- भिन्न विद्यालयक छात्र-छात्रागण विवाद...

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अध्याय 2

द्विरागमन : अध्याय 2 - अकाण्डताण्डव

लालकाकी अमौटक हेतु आमक गाड़ा बनबैत छलीह कि आवेशरानी पहुँचि गेलथिन्ह । लालकाकी उल्लसित स्वर सॅं बजलीह - 'आबथु ऎ बहिना...

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अध्याय 3

द्विरागमन : अध्याय 3 - 'रोमांस'क उदय

सी० सी० मिश्र कैं ओहि राति बड़ी काल धरि नीन्द नहि पड़लैन्ह। मिस बिजलीक दमक सॅं निद्रोक आँखि में, चकाचौन्ह लागि...

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अध्याय 4

द्विरागमन : अध्याय 4 - गामक महिला-क्लब

सी० सी० मिश्रक आदेशानुसार महिला-क्लब स्थापित करबाक उद्देश्य सॅं रेवतीरमण अपना गामक स्त्रीगण कैं सूचना देबक हेतु विदा...

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अध्याय 5

द्विरागमन : अध्याय 5 - 'रोमांस' अन्त

बिजली देखलन्हि जे 'एक अनाड़ी फतिङ्गा मॅंडरा कऽ जान देबा पर वृत्त अछि । दया कऽ कऽ एकरा निर्दयतापूर्वक झाड़ि देवक...

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अध्याय 6

द्विरागमन : अध्याय 6 - शिक्षाक प्रोग्राम

मिस बिजली कैं छकैबाक हेतु सी० सी० मिश्रक पेट मे हर बहय लगलैन्ह । कखनो होइन्ह जे व्यायामशाला मे जा कऽ बौक्सिंग...

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अध्याय 7

द्विरागमन : अध्याय 7 - तीर्थयात्रा

भादवक पूर्णिमा कैं चन्द्रग्रहण थिकैक । लालकाकी एहि बेरि सदलबल काशी जैबाक न्यार कैने छथि । दल मे रहथिन्ह ढुनमुन काकी,...

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अध्याय 8

द्विरागमन : अध्याय 8 - ग्रहण-स्नान

काशी स्टेशन पर उतरितहिं, यात्री-दल कैं चारू कात सॅं पंडाक झुण्ड घेरि कऽ चरो-बेरो कऽ लेलेकैन्ह। बाप-पितामहक नाम बूझि...

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अध्याय 9

द्विरागमन : अध्याय 9 - बुच्चीदाइक 'एडुकेशन'

प्रोग्रामक अनुसार सी० सी० मिश्र सासुरक डेरा मे आबि गेलाह और रेवतीरमण हुनक निर्देशानुसार बुच्चीदाइ कैं पढ़ाबय...

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अध्याय 10

द्विरागमन : अध्याय 10 - वर-बरियातक विधि

तार पहुँचैत देरी खढ़भढ़ मचि गेल लालकाकी बजलीह कहू त भला एना कतहु द्विरागमन भेलैक अछि ! भोलानाथ अनुमोदन करैत कहलथिन्ह...

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अध्याय 11

द्विरागमन : अध्याय 11 - सामाजिक आन्दोलन और भोजभात

गामक पंडित-प्रधान कैं एकत्र कऽ बुचकुन चौधरी कहलथिन्ह - आब 'ठोप' मेटा कऽ 'टोप' पहिरै जाउ और टीक कटा कऽ विलायतक टिकट...

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अध्याय 12

द्विरागमन : अध्याय 12 - समदाउनि

भोजक प्राते भेने द्विरागमनक विचार होमय लागल । भोलानाथ और कंटीर वस्तुजात कीनक हेतु दरिभंगा बिदा भेलाह । चिट्ठा देखि...

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