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मिथिला भाषा रामायण - मंगलाचरण

लेखक: कविशेखर चन्दा झा
(1886)
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सीतापति पद पंकज वंदि, सुरसरि सम पावन मति चंदि। मैथिल जनहित रामायण कह, भाषा सरल मधुर रस बह॥ जनक नंदिनी जानकि माता, सकल सिद्धि मंगल फल दाता। रघुवर राम जानकी नाथा, चरण कमल नवनावहिं माथा॥ मिथिला भूमि पावन अवतारी, जहिं जन्मल जग-तारिणि नारी। ताहि देशक भाषा अभिरामा, रचब काव्य श्रीरघुपति नामा॥
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कविशेखर चन्दा झा

आधुनिक मैथिली साहित्यक नवजागरणक प्रणेता। मैथिली भाषा रामायणक रचयिता, जे मैथिली भाषाक गौरव ग्रंथ मानल जाइत अछि।

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