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मैथिली लोक समग्र ज्ञान खोज
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साहित्य (Literature)
STORY
✓ मूल मैथिली
रचयिता: हरिमोहन झा • कथा
( १ ) दड़िभंगा १-१-१९ प्रियतमे, अहाँक लिखल चारि पाँती चारि सय बेर पढ़लहुँ । तथापि तृप्ति नहि भेल । आचार्यक परिक्षा समीप अछि । किन्तु ग्रन्थ मे कनेको चित्त नहि लगैत अछि । सदिखन अहींक मोहिनी मुर्ति आँखि मे नचैत रहै अछि । राधा रानी ! मन होइ अछि जे अहाँक...
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#कथा
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साहित्य (Literature)
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✓ मूल मैथिली
रचयिता: हरिमोहन झा • कथा
(१) आइसॅं पचास वर्षक बाद। सौराष्ट्रमे सामुदायिक विवाह यज्ञ भऽ रहल अछि। समावर्त्तन भोज्यक अनन्तर पंचमन्दिरक प्रांगणमे सभा बैसल अछि। असंख्य नरनारी समवेत छथि। एक वृद्ध सौराष्ट्रक इतिहास सुना रहल छथि- ''''एहि तरहें ५० वर्ष पहिने एहि सभा गाछीमे बरहट्टा...
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रचयिता: हरिमोहन झा • कथा
ओहि दिन भयंकर झपसी लधने रहय। यारकका घूरपर बैसल लोक आगि तपैत रहय। बीच-बीचमे तेहन पुरबैयाक झटक उठैक जे लोक सिहरि उठय। काशीनाथ बजलाह-एहने जाड़मे ब्राह्मण बाछा बेचि कऽ कंबल किनलन्हि। भोलबाब कहलथिन्ह-हौ, तोरा लोकनि जाड़ देखलह कहिया? जाड़ आएल रहय उनासी...
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रचयिता: हरिमोहन झा • कथा
-"हे औ पाहुन! देखू, फेर हमरा दस पड़ल। आब अहाँक गोटी कटा गेल।" -"ए तित्तिर दाइ! कन्ना नहि करू। अहाँकें दू खुदरा पड़ल अछि।" -"नहि! दस पड़ल अछि। एकटा कौड़ी चित्त छैक से नहि सुझै अछि?" -"नहि! दू टा कौड़ी चित्त छल। अहाँ कंगनासॅं घुसका देलिऎक ताहिसॅं एकटा पट...
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रचयिता: हरिमोहन झा • कथा
खट्टर कका रामनवमी क हेतु फलाहार क ओरिआओन करैत रहथि। हम पुछलिऎन्ह - आइ पुरना पोखरि पर रामलीला छैक। चलब कि ने ? खट्टर कका बजलाह – तोरा लोकनि छौडा-मांगर छह। तमासा देखह गऽ। बूढ-सूढ कैं एहि सभ सॅं कोन प्रयोजन ? हम- से किएक, खट्टर कका ? एहि में त सभ कैं...
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#खट्टर काका
#खट्टर ककाक तरंग
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रचयिता: हरिमोहन झा • कथा
खट्टर कका भांग घोंटैत रहथि कि हम जा कऽ कहलिऎन्ह - खट्टर कका, निमंत्रण दैत छी । खट्टर कका अत्यन्त प्रसन्न होइत बजलाह – अहा हा ! आबह, बैसह।आइ कोनो नीक लोक क मूंँह देखि उठल छलहुंँ । कथी क उपलक्ष्य में खोऎबह ? हम कहलिऎन्ह - आइ हमरा ओहि ठाम ब्राह्मणभोजन...
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रचयिता: हरिमोहन झा • कथा
ओहि दिन खट्टर कका सॅं शास्त्रचर्चा छिडि गेल । बात ई भेलैक जे खट्टर कका चार छरबैत रहथि । हम कहलिऎन्ह - खट्टर कका, भदबे में छवनी करबैत छिऎक ? खट्टर कका बजलाह – हौ, अनदिना जन नहिं भेटैत अछि । तैं घरहट कऽ काज हम भदबे में करा लैत छी । हम कहलिऎन्ह - खट्टर...
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