साहित्य (Literature)
STORY
✓ मूल मैथिली
खट्टर काकाक तरंग
रचयिता: हरिमोहन झा • कथा
खट्टर काका अपन दालान पर गद्दा पर बैसकऽ पानक बीड़ा मुँहमे दैत कहलन्हि— 'हे बौआ! दुनियाक सब दर्शन एक दिस, आ मिथिलाक दही-चूड़ा एक दिस!'