साहित्य (Literature)
POEM
✓ मूल मैथिली
बड़ सुख सार पाओल तुअ तीरे (गंगा स्तुति)
रचयिता: महाकवि विद्यापति • कविता
बड़ सुख सार पाओल तुअ तीरे। छोड़इत निकट नयन बह नीरे॥ करजोड़ि विनमओ विमल तरंगे...