सार्वजनिक ज्ञान आ साहित्य निधि (Public Knowledge & Literature)

मैथिली डिजिटल पुस्तकालय

विद्यापति केर अमर पद सँ लऽ कऽ आधुनिक कथा, कविता, लोकगाथा आ बाल-साहित्य केर प्रामाणिक डिजिटल संग्रह।

📚 समग्र (All) 📖 पुस्तक व कथा संग्रह (Collections) ➔ 📜 कविता 📖 कथा 📕 उपन्यास 🌾 लोकगाथा 🧒 बाल साहित्य ✍️ निबंध व आलेख 🎵 गीत

📕 सम्पूर्ण उपन्यास संग्रह (Featured Novels)

अध्यायवार सम्पूर्ण उपन्यास क्रमिक रूपमे पढ़बाक लेल पुस्तक चुनि सकैत छी:

सभ संग्रह देखू ➔
उपन्यास (Novel) 📖 12 अध्याय / भाग

कन्यादान

✍ हरिमोहन झा (1930)

मैथिली भाषाक प्रथम अत्यंत लोकप्रिय आधुनिक उपन्यास। मिथिलाक वैवाहिक रीति-नीति, अनमेल विवाह, अशिक्षा आ आधुनिकताक द्वन्द्वक सजीव एवं मार्मिक चित्रण।

सम्पूर्ण उपन्यास पढ़ू (Table of Contents) ➔
उपन्यास (Novel) 📖 12 अध्याय / भाग

द्विरागमन

✍ हरिमोहन झा (1943)

'कन्यादान' उपन्यासक बहुप्रतीक्षित उत्तर-भाग (सीक्वल)। सी० सी० मिश्र आ बुच्ची दाइक द्विरागमन उपरान्तक दाम्पत्य, सामाजिक सुधार आ हास्य-परिहासक कथा।

सम्पूर्ण उपन्यास पढ़ू (Table of Contents) ➔

अध्यायवार रचना पाठ (Chapters)

कुल 24 रचना
NOVEL
⏱ 19 मिनट पाठ
📖 कन्यादान • अध्याय 1

कन्यादान : अध्याय 1 - कनेयाँ माइ क ओरिआओन

✍ हरिमोहन झा (1930)

- हॅ ऎ बहिना । यैह त कठिन भऽ गेलैक अछि। जहां वर भारी 'गिलास' मे अङ्ग्रेजी पढि जाइत छैक, तहां वर क बाप हजार सॅं नीचा पर गप्पे नहि करैत...

👁 2 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 28 मिनट पाठ
📖 द्विरागमन • अध्याय 1

द्विरागमन : अध्याय 1 - मिस बिजलीक भाषण

✍ हरिमोहन झा (1943)

विश्वविद्यालयक सभा-भवन आइ बिजलीक प्रकाश सॅं जगमगा रहल अछि। कारण जे भिन्न- भिन्न विद्यालयक छात्र-छात्रागण विवाद प्रतियोगिता मे भाग लेबक...

👁 2 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 21 मिनट पाठ
📖 कन्यादान • अध्याय 2

कन्यादान : अध्याय 2 - सभागाछी क दृश्य

✍ हरिमोहन झा (1930)

जखन सभागाछी पहुँचबा सॅं आध कोस बाँकी रहि गेलैन्ह तखन घुटर झा कैं बाह्यभूमि दिशि जैबाक शंका बूझि पड़लैन्ह । अपन नसिदानी क बटुआ भोलानाथ झा...

👁 4 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 16 मिनट पाठ
📖 द्विरागमन • अध्याय 2

द्विरागमन : अध्याय 2 - अकाण्डताण्डव

✍ हरिमोहन झा (1943)

लालकाकी अमौटक हेतु आमक गाड़ा बनबैत छलीह कि आवेशरानी पहुँचि गेलथिन्ह । लालकाकी उल्लसित स्वर सॅं बजलीह - 'आबथु ऎ बहिना ! आइ त बिढ़नीक...

👁 1 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 13 मिनट पाठ
📖 कन्यादान • अध्याय 3

कन्यादान : अध्याय 3 - तार कोना पढ़ाओल गेल

✍ हरिमोहन झा (1930)

फैसला सुनबा क समय यावत मुद्दालह लोकनि कठघरा मे ठाढ़रहैत छथि, तावत पर्यन्त हुनका लोकनि क सौसे देह भुलकैत रहैत छैन्ह । किन्तु हाकिम क मुँह...

👁 6 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 15 मिनट पाठ
📖 द्विरागमन • अध्याय 3

द्विरागमन : अध्याय 3 - 'रोमांस'क उदय

✍ हरिमोहन झा (1943)

सी० सी० मिश्र कैं ओहि राति बड़ी काल धरि नीन्द नहि पड़लैन्ह। मिस बिजलीक दमक सॅं निद्रोक आँखि में, चकाचौन्ह लागि गेलैन्ह। हुनक मस्तिष्क तेना...

👁 1 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 15 मिनट पाठ
📖 कन्यादान • अध्याय 4

कन्यादान : अध्याय 4 - जहाज पर क गप्पशप्प

✍ हरिमोहन झा (1930)

संध्या क समय अछि । सूर्य भगवान रुसल जमाय जकाँ मुँह विधुऔने प्रस्थान कय रहल छथि । गङ्गाजी क हिलकोर देखि भान होइछ जेना जमाय क रुसला सॅं...

👁 3 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 17 मिनट पाठ
📖 द्विरागमन • अध्याय 4

द्विरागमन : अध्याय 4 - गामक महिला-क्लब

✍ हरिमोहन झा (1943)

सी० सी० मिश्रक आदेशानुसार महिला-क्लब स्थापित करबाक उद्देश्य सॅं रेवतीरमण अपना गामक स्त्रीगण कैं सूचना देबक हेतु विदा भेलाह। पहिने...

👁 1 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 9 मिनट पाठ
📖 कन्यादान • अध्याय 5

कन्यादान : अध्याय 5 - गोसावनि क गीत

✍ हरिमोहन झा (1930)

झारखंडीनाथ तार क अर्थ घोंखैत-घोंखैत गाम दिशि विदा भेलाह । एही धुन मे मस्त भेल बढल चल अबैत छलाह कि पाछां कनपट्टी लग घंटी टनटना उठलैन्ह ।...

👁 2 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 20 मिनट पाठ
📖 द्विरागमन • अध्याय 5

द्विरागमन : अध्याय 5 - 'रोमांस' अन्त

✍ हरिमोहन झा (1943)

बिजली देखलन्हि जे 'एक अनाड़ी फतिङ्गा मॅंडरा कऽ जान देबा पर वृत्त अछि । दया कऽ कऽ एकरा निर्दयतापूर्वक झाड़ि देवक चाही, नहि त ई झरकि कय...

👁 2 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 21 मिनट पाठ
📖 कन्यादान • अध्याय 6

कन्यादान : अध्याय 6 - मिस्टर सी० सी० मिश्रा

✍ हरिमोहन झा (1930)

गाड़ी छुटि गेला उत्तर बुचकुन चौधरी जाड़ तथा क्रोध क वेग सॅं थरथर काँपय लगलाह । गंगाजी क प्रति जे भक्ति छलैन्ह से विरक्ति क रूप मे परिणत भय...

👁 2 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
NOVEL
⏱ 17 मिनट पाठ
📖 द्विरागमन • अध्याय 6

द्विरागमन : अध्याय 6 - शिक्षाक प्रोग्राम

✍ हरिमोहन झा (1943)

मिस बिजली कैं छकैबाक हेतु सी० सी० मिश्रक पेट मे हर बहय लगलैन्ह । कखनो होइन्ह जे व्यायामशाला मे जा कऽ बौक्सिंग प्रैक्टिस करी । कखनो...

👁 2 बेर पढ़ल गेल पढ़ू (Read) ➔
पृष्ठ 1 / 2 अगिला →