खुला ज्ञान आ साहित्य निधि (Open Knowledge & Literature)

मैथिली डिजिटल पुस्तकालय

विद्यापति केर अमर पद सँ लऽ कऽ आधुनिक कथा, कविता, लोकगाथा आ बाल-साहित्य केर प्रामाणिक डिजिटल संग्रह।

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मछरी

✍ राजकमल चौधरी (1965)

बाजार सँ अनल गेल मछरी आ गामक पारिवारिक संवेदना केर आधुनिक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण...

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खट्टर काकाक तरंग

✍ हरिमोहन झा (1948)

खट्टर काका अपन दालान पर गद्दा पर बैसकऽ पानक बीड़ा मुँहमे दैत कहलन्हि— 'हे बौआ! दुनियाक सब दर्शन एक दिस, आ मिथिलाक दही-चूड़ा एक दिस!'

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